अग्रवाल समाज के प्रतिष्ठित और सम्मानित व्यक्तित्व युगल किशोर गर्ग न केवल एक नाम हैं, बल्कि समाजसेवा का पर्याय बन चुके हैं।

अपनी निस्वार्थ सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समर्पण से उन्होंने अग्रवाल समाज को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
12 बार निर्विरोध अग्रवाल महासंघ के अध्यक्ष चुने जाने का गौरव प्राप्त कर उन्होंने समाज में एकता, शिक्षा और संस्कार की मजबूत नींव रखी है।

मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर नई पीढ़ी को प्रेरित करना, और भव्य अग्रवाल जयंती जैसे ऐतिहासिक आयोजनों को सफलता की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना — यही उनका जीवन समर्पण रहा है।

लुहारी के मूल निवासी और बड़ौत निवासी युगल किशोर गर्ग का हर कार्य समाजहित की भावना से प्रेरित है।
उन्होंने सदैव अग्रवाल समाज को सशक्त, संगठित और आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
पिता से मिले संस्कार और सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए उनके पुत्र संजय गर्ग भी समाज के हर कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
वे अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए समाजसेवा की उस मशाल को प्रज्वलित रखे हुए हैं, जिसने अग्रवाल समाज को नई दिशा दी है।
🌼 निःस्वार्थ सेवा, उत्कृष्ट नेतृत्व और समाज के प्रति अटूट समर्पण – यही पहचान है अग्रवाल समाज के बहुमूल्य रत्न, युगल किशोर गर्ग की। 🌼






