लोकवाणी बागपत।
जनपद बागपत की सड़कों पर ओवरलोड गन्ना ट्रक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं।
ये ट्रक न सिर्फ यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि आम जनता की जान के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।

हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, फिर भी ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही।
करीब 20 वर्ष पूर्व बागपत में ओवरलोड वाहन से हुए भीषण हादसे में कई लोगों की जान चली गई थी, लेकिन उन घटनाओं से भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया।

हाल ही में छपरौली क्षेत्र के एक गांव में गन्ने से भरा ओवरलोड ट्रक पलट चुका है, गनीमत रही कि बड़ा हादसा टल गया, लेकिन सवाल यह है कि हर बार किस्मत ही लोगों की जान बचाएगी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोड ट्रकों की वजह से सड़कें जर्जर हो रही हैं और आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है।
इसके बावजूद न परिवहन विभाग सख्त है, न पुलिस प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करता नजर आ रहा है।
अब सवाल सीधे सरकार और प्रशासन से है—
क्या लोगों की जिंदगी से ज्यादा जरूरी ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही है?
आखिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई क्यों होती है?
जब तक ओवरलोडिंग पर सख्ती नहीं होगी और जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक बागपत की सड़कों पर यह “मौत का सफर” यूं ही जारी रहेगा।






