सत्ताधारी नेताओं को किसान यूनियन की चेतावनी — कहा, झूठे आरोपों की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी
बागपत।
भारतीय किसान यूनियन (रजि.) के जिला कार्यालय टिकरी (बागपत) में आज दिनांक 31 अक्टूबर 2025 को एक तत्काल आपात बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन दिल्ली–NCR के महासचिव चौ. प्रदीप धामा ने की, जबकि अध्यक्षता बिजेंद्र प्रधान जी द्वारा संपन्न कराई गई।
बैठक में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में भाग लिया।

बैठक का प्रमुख मुद्दा था — जिला अध्यक्ष चौ. प्रताप सिंह गुर्जर पर कुछ सत्ताधारी नेताओं द्वारा एक महिला के माध्यम से लगाए गए निराधार आरोप, जिन्हें संगठन ने पूर्णतः झूठा और राजनीतिक साजिश बताया।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि —
“यदि भविष्य में किसी भी सत्ताधारी नेता या उनके सहयोगियों ने संगठन के किसी भी पदाधिकारी को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की, तो भारतीय किसान यूनियन बागपत में उनके दफ्तरों पर तालाबंदी आंदोलन शुरू करेगी।”
महासचिव चौ. प्रदीप धामा ने कहा कि संगठन किसान हितों के लिए संघर्षरत है और किसी भी साजिश के सामने झुकेगा नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि —
“जो लोग किसान आंदोलन की ताकत से घबराकर झूठे आरोपों का सहारा ले रहे हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि भारतीय किसान यूनियन मैदान छोड़ने वालों में से नहीं है।”
इस मौके पर युवा जिला अध्यक्ष चौ. धीरज राठी ने कहा कि “जिला अध्यक्ष चौ. प्रताप सिंह गुर्जर पर लगाए गए आरोप न केवल बेबुनियाद हैं, बल्कि किसान आंदोलन की एकता को तोड़ने की कोशिश हैं। यूनियन का हर सिपाही उनके साथ मजबूती से खड़ा है।”
बैठक में प्रमुख रूप से इंद्रपाल सिंह, सिवदत्त शर्मा, उपेंद्र तोमर, हिम्मत सिंह, विजेंद्र मास्टर, देवकांत शर्मा, सतवीर शर्मा, चौ. जुल्ला प्रधान, अंकित ठाकुर, अश्वनी, चांद खान, जितेंद्र वर्मा, नरेंद्र गुर्जर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक के समापन पर कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए —
“चौ. महेंद्र सिंह टिकैत अमर रहें”,
“चौ. नरेश टिकैत जिंदाबाद”,
“जय जवान जय किसान”,
“चौ. राकेश टिकैत जिंदाबाद”।






