लोकवाणी बागपत ||
जिला प्रशासन की पहल एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गई।
मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से धूपबत्ती तैयार की गई, वहीं चढ़ावे में आए दूध का उपयोग बेज़ुबान पशुओं के लिए किया गया।

इस अभिनव पहल के जरिए न केवल आस्था का सम्मान कायम रखा गया, बल्कि किसी भी वस्तु का दुरुपयोग भी नहीं होने दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण और पशु सेवा को साथ लेकर चली इस मुहिम ने लोगों का दिल जीत लिया।

जिलाधिकारी की इस संवेदनशील सोच की हर ओर सराहना हो रही है।
यह पहल साबित करती है कि प्रशासन यदि संवेदनशील हो तो आस्था और सेवा दोनों साथ चल सकते हैं।







