लोकवाणी बागपत ||
सरूरपुर : मेले की भीड़ में जब दो साल की नन्ही सी जान अपने माता-पिता से बिछड़ गई, तो हर तरफ बेचैनी और डर का माहौल था।
मासूम की आंखों में आँसू थे, लेकिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता और तत्परता ने उम्मीद जगा दी।

सरूरपुर चौकी प्रभारी अंकित और उनकी टीम ने तुरंत बच्ची को सुरक्षित संभाला और परिजनों तक पहुंचाया।
जैसे ही मासूम अपने माता-पिता की गोद में लौटी, आंखों में राहत के आँसू और चेहरे पर मुस्कान साफ दिखी।

श्रद्धालुओं ने इसे गुफा वाले बाबा की कृपा और पुलिस की मानवता का सुंदर उदाहरण बताया।
एक पल की दूरी ने डर पैदा किया, लेकिन सूझ-बूझ और सेवा भाव ने उस डर को खुशियों में बदल दिया।





